*प्रेषित है......*
👇 *मां*👇
*••••गिरावट ना मिलावट....*
_____________________________
*दुनिया में कच्चे रंगों वाली सजावट देखी,*
*रिश्तों के बीच मखमली बनावट भी देखी।*
*बच्चों की आंखों में आंसू ओर मां मुस्कुराएं,*
*दुलार में उसके न कभी कोई गिरावट देखी।।*
_____________________________
*पिता के डांटने पर तेरी वो बगावत देखी,*
*मेरी मुसीबतों में तेरी अकुलाहट भी देखी।*
*वर्षों से महसूस किया है मैंने मां के प्यार को,*
*उसकी स्नेह में कभी न कोई मिलावट देखी।।*
_____________________________
*अनिल पांचाल सेवक* ✍️
......9993152064....
*विचार क्रांति मंच उज्जैन*
-----++++++++-----------