( मां )
मां ,मैं तुम पर क्या लिखूं ?
शब्दों में कैसे तुमको बयां करूं,
तुम रूप हो जगतजननी का ,
कैसे तुमको रचना में रचूं ?
मां मैं तुम पर क्या लिखूं ?
तुम लाई इस दुनिया में,
क्या मैं तुमको अपनी दुनिया लिखूं?
अपने लहू से सींचा तुमने ,
सीने से लगाकर पाला तुमने ,
क्या मैं तुमको पालन हार लिखूं ?
चलना सिखलाया तुमने ,
बोलना सिखलाया तुमने,
दी सही गलत की समझ तुमने ,
क्या मैं तुमको शिक्षक लिखूं ?
मां मैं तुम पर क्या लिखूं?
दूर रखा परेशानियों को हमसे ,
तुमने दुख - दर्द से बचाया ,
लग ना जाए बुरी नजर,
तो काला टीका भी लगाया,
क्या मैं तुमको रक्षक लिखूं ?
मां मैं तुम पर क्या लिखूं ?
तुम सारी दुनिया हमारी ,
तुम पालनहार ,तुम शिक्षक, तुम रक्षक ,
क्या मैं तुमको अपना सब कुछ लिखूं ?
मां ,मैं तुम पर क्या लिखूं ?
( विभूति सिंह )
Address - house number -42 ,Royal Enclave, Kashipur, Uttarakhand
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