माँ की ममता
जब मैं हस्ती , माँ भी हस्ती
जब मैं रोती माँ भी रोती
मुझे मिली माँ की गोद निराली
माँ की ममता होती निराली
सुबह – सुबह वो मुझे जगाती
बड़े प्यार से गले लगाती
जब ठोकर खाकर मैं गिरती
माँ दोनों हाथ आगे बढ़ाती
माँ की ममता होती निराली
माँ ने मुझे हाथ पकडकर चलाना सिखाया
गलती करने पर बड़े प्यार से गले लगाया
परनीत थानेवाल
विकास पुरी , नई दिल्ली
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