माँ और ममता
जमाने मे ममता कि क़ीमत ना होती,
अगर माँ न होती, अगर माँ न होती।
धर के उदर नौ माह संभाला,
जन्म से पहले माँ ने है पाला
काया कि कोई वरियत न होती,
अगर माँ न होती, अगर माँ न होती।
खून का अपने दूध बनाके
हमको पिलाया हृदय से लगा के
साँसो कि कोई हकीकत न होती
अगर माँ न होती, अगर माँ न होती।
खुद भूखी रहकर, हमको खिलाया
निंद्रा है त्यागी, हमको सुलाया
कल्पना कमल कि शिनाखत ना होती
अगर माँ न होती, अगर माँ ना होती।
© कल्पना कमल
🙏🙏
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